शिमला। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी सतपाल जैन ने कहा है कि राहुल गांधी को ट्रायल कोर्ट के जज ने सजा सुनाई है। इसमें भाजपा या अडानी का कोई भी लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि ट्रायल जज ने राहुल गांधी को कोर्ट में तीन बार माफी मांगने का मौका दिया, पर उन्होंने कोर्ट में माफी नहीं मांगी। अगर वह माफी मांग लेते तो आज उनकी सदस्यता रद्द नहीं होती। वे शनिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
जैन ने कहा कि भाजपा के नेताओं के खिलाफ भी कोर्ट में केस हुए हैं और उनके नेताओं की सदस्यता को भी रद्द किया गया है, पर कोर्ट जाने पर सदस्यता को बहाल भी किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक राहुल गांधी या कांग्रेस के नेता कोर्ट क्यों नहीं गए, उन्हें कोर्ट जाना चाहिए था ना कि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप-प्रत्यारोप लगाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या सोनिया गांधी ने अयोग्य घोषित नहीं किया। उन्हें भारत के संविधान ने अयोग्य घोषित किया है। अगर संविधान के मुताबिक किसी भी कोर्ट में एक व्यक्ति को सजा सुनाई जाती है तो उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान पर सवाल उठाना गलत है, इससे पहले भी कई बार कोर्ट द्वारा नेताओं के खिलाफ निर्णय सुनाए गए हैं। अल्हाबाद के एक सिंगल जज की कोर्ट ने सेटिंग प्राइम मिनिस्टर का इलेक्शन सेट एसाइड किया था।
सतपाल जैन ने इंदिरा गांधी द्वारा वीर सावरकर के बारे में जो चिट्ठी लिखी थी उसको भी सार्वजनिक किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस चिट्ठी को पढ़ना चाहिए कि इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के लिए अपनी चिट्ठी में क्या लिखा है।
जैन ने कहा कि जिस प्रकार से हिमाचल में सीपीएस बने हैं, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जब स्व. वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने हिमाचल प्रदेश में 11 चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी बनाए थे। उस समय कोर्ट के माध्यम से सीपीएस हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी निर्णय लेगी तो भाजपा को कोर्ट जरूर जाएगी।
