शिमला। सीपीआई (एम) ने राजधानी से सटी चमियाणा पंचायत में आईजीएमसी के द्वितीय भाग के संस्थान अटल सुपर स्पेशियेलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान शिमला के उद्घाटन से पहले सरकार को आने वाली कई दिक्कतों से आगाह किया है। सीरीआईएम ने कहा है कि इस संस्थान में शुरू होने वाली विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को बिना तैयारी से शुरू न किया जाए। इससे गंभीर बीमारी के मरीजों की जान का जोखिम बढ़ जाएगा।
सीपीआई (एम) के राज्य सचिवमंडल सदस्य डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि चमियाणा में संस्थान खुलने से आईजीएमसी की भीड़ कम होगी और मरीजों को आधुनिक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। परंतु जब तक इसमें इलाज और देखभाल के लिए सभी तरह के इंतजाम पूरे न कर लिए जाएं, तब तक इसमें मरीजों को शिफ्ट न किया जाए।
डॉ. तंवर ने कहा कि यह सरकार की नीति का हिस्सा है की जहां कोई भी प्रोजेक्ट, उद्योग अथवा संस्थान खुलेगा, वहां रोजगार में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार दिया जाएगा और उन्हें रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि चमियाणा में जहां यह संस्थान बना है, उस भूमि पर स्थानीय बाशिंदों के हक–हकूक थे। इसमें चमियाणा, मल्याणा, पटगैहर पंचायतें आती हैं जो पहले एक ही पंचायत होती थी। इसलिए रोजगार में इन पंचायतों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए और नीति के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को ही दिया जाए। बता दें, कि सरकार बुधवार को आईजीएमसी के द्वितीय भाग के संस्थान अटल सुपर स्पेशियेलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान शिमला के उद्घाटन करने जा रही है।
