शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सेवादल 20 अगस्त से प्रदेश में “जागो हिमाचल” पदयात्रा शुरू कर रहा है। सद्भावना दिवस पर यह यात्रा राजधानी शिमला से शुरू होगी। इसका समापन 2 अक्टूबर को धर्मशाला में होगा। 51 दिनों की यात्रा के दौरान सेवा दल के कार्यकर्ता 2100 किमी. का सफर तय करेंगे। इस दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार की चार साल की नाकामियों, भ्रष्टाचार, जनता विरोधी नीतियों के बारे में लोगों को बताया जाएगा। प्रदेश के हर जिला व ब्लॉक से होकर यह यात्रा गुजरेगी। जिला मुख्यालयों व ब्लॉक मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने बताया कि पदयात्रा के शुभारंभ अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहेगा। वहीं, धर्मशाला में यात्रा के समापन पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि देशभर में अव्यवस्था का माहौल है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा है। हाईकोर्ट भी सरकार को फटकार लगा चुका है। उन्होंने कहा कि शहर में लोगों को न तो पेट्रोल व डीजल मिल रहा है न ही पानी। सड़कों पर ट्रैफिक जाम इतना ज्यादा है कि दो किलोमीटर के सफर में दो घंटे लग जाते हैं। सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है। धरातल पर कुछ भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में कोरोना काल में कई घोटाले सामने आए जिसने देवभूमि को शर्मसार किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भट्ठा बैठ चुका है। लोगों को मंहगे दाम पर राशन मिल रहा है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नाम पर छला गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पेपर लीक मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ सरकार ने धोखा किया है।
अनुराग शर्मा ने आरोप लगाया कि जनमंच कार्यक्रम के आयोजन में बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा है। आयोजन पर 20 से 40 हजार खर्च हो रहा है। जबकि उसके बिल लाखों में बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार यह सब कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता चुनावों में इसका हिसाब देगी।
सेवादल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों के वॉक-इन-इंटरव्यू को बंद करवा दिया गया है, जबकि अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी चल रही है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी ने अपने फायदे के लिए ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर सपष्टीकरण देना चाहिए।
