शिमला। दो निर्दलीय विधायकों होशियार सिंह और प्रकाश राणा के भाजपा का दामन थामने के बाद कांग्रेस ने भाजपा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के घेरा है। कांग्रेस ने भाजपा को नैतिकता का पाठ याद दिलाते हुए कहा कि जो लोग कानून बनाते हैं, यदि वे ही उसका उल्लंघन करेंगे तो कानून का पालन कैसे होगा। साथ ही कहा कि जिस तरह से दो निर्दलीय विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं, वह प्रजातंत्र का भी अपमान है। यही नहीं, इससे यह भी पता चलता है कि भाजपा सरकार कानून का सम्मान नहीं करती और इसे ताक पर रख कर कार्य करती है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने शुक्रवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जिस तरह से भाजपा ने इन दो विधायकों को भाजपा में शामिल किया है, यह दलबदल कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मामले में तो इन दोनों विधायकों की सदस्यता तत्काल रद्द होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हमीरपुर में भाजपा का अहम बैठक हुई और इस बैठक में दिन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को तो खूब तवज्जो दी गई, लेकिन रात को धूमल की गैर मौजूदगी में चुपचाप इन दो विधायकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल पर जो मास्टर स्ट्रोक खेला है, उससे भाजपा के भीतर के हालात पता चलते हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि इन दिनों मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, उनका भाषण कांग्रेस पर केंद्रित रहता है। इससे स्पष्ट है कि उनके दिलो-दिमाग में कांग्रेस छाई हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की पांच साल की कोई उपलब्धि नहीं है और मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड जनता को देने के बजाय कांग्रेस को कोसने लगते हैं। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें चिंता उसकी करनी चाहिए जो तूफान भाजपा में आने वाला है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने पांच साल में कुछ नहीं किया और अब जब जनता के बीच जाते हैं तो कांग्रेस को कोसने लग जाते हैं। उन्होंने मेधावी बच्चों को लैपटाप बांटने के समय पर भी कटाक्ष किया और पूछा कि जो काम चार साल पहले होना चाहिए, उसे चुनावी वर्ष के लिए क्यों रोक के रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा स्कूली बच्चों को भी चुनावी नजरिए से ही देखती है और इसके इंतजार में थी कि कब ये बच्चे वोटर बनें और फिर उन्हें लैपटाप दिए जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा को आम जनता की समस्याओं और उनसे किए वादों से कुछ लेना-देना नहीं है। उसे चिंता केवल चुनाव की ही लगी रहती है और इसके लिए वह कानून का उल्लंघन करने से भी नहीं पीछे नहीं हटती। चौहान ने रामपुर कालेज में प्रिंसिपल द्वारा एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के साथ किए व्यवहार की भी निंदा की और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों पर चप्पल निकालना कहां की मर्यादा है और इसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है।
महंगाई और बेरोजगारी पर चुप क्यों है सरकार – चौहान
नरेश चौहान ने कहा कि आज महंगाई चरम पर है और बेरोजगारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भाजपा सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है और न ही इस पर बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है और जनता भी सरकार से इसका जवाब चाहती है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि जनता ने ऐसी जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर फेंकने का मन बना लिया है और वह चुनाव का इंतजार कर रही है।
समर फेस्टिवल में हुई अव्यवस्था को प्रशासन जिम्मेदार
नरेश चौहान ने शिमला समर फेस्टिवल की अंतिम संध्या पर उमड़ी भारी भीड़ पर जिला प्रशासन को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इसमें पूरी तरह विफल रहा और किसी भी हादसे को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार यहां किसी हादसे का इंतजार कर रही थी। उन्होंने कहा कि जो कुप्रबंधन उस दिन था, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
