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शिमला। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट को ऐतिहासिक और आम आदमी का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट व्यावहारिक है और सभी वर्गों को इस बजट से लाभ होगा। 

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान शहरी युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना आरम्भ की गई थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना पर 5 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट सत्र में शहरी बेरोजगार युवाओं को रोजगार की गारंटी, पात्रता एवं अन्य शर्तों से सम्बन्धित, विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। हिमाचल देश का पहला राज्य होगा, जहां मनरेगा कि तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में आजीविका के लिए कानून बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन्नत शहरों के सपने को पूरा करने में यह योजना जो कि जल्दी कानून का रूप लेने वाली है, कारगर सिद्ध होगी।
भारद्वाज ने मुख्यमंत्री का वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा 60 वर्ष करने पर आभार व्यक्त किया। पहले यह आयु सीमा 70 वर्ष थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 40000 अतिरिक्त पात्र लोगों को पेंशन प्रदान की जाएगी। ऐसे सभी वर्ग जो वर्तमान में 850 रुपए प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त कर रहें हैं, की पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपए की जाएगी।  दिव्‍यांगजनों व विधवाओं को दी जा रही पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों की पेंशन को 1500 रुपये से बढ़ाकर 1700 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 1300 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

By admin

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