शिमला। प्रदेश में हुए चार उपचुनावों में कांग्रेस को मिली जीत के बाद इनके नेता हवा में हो गए हैं। वे ऐसे बात कर रहे हैं, मानों 2022 के चुनाव जीत गए हैं, जबकि वास्तविक्ता यह है कि दिल्ली अभी दूर है। यह बात प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के परिणाम भाजपा के लिए आई ओपनर है और नए सिरे से रणनीति बनाकर 2022 में फिर से भाजपा सरकार बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह सत्ता में लौटने का सपना ले रही है, लेकिन उनका मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन है।
रणधीर शर्मा ने वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में किन कारणों से हारे हैं, उनकी भी समीक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान कई बातें सामने आई हैं और उन सभी पहलुओं को देखते हुए ही आगे की रणनीति बनाई जा रही है। उनका कहना था कि चुनाव में हार का एक कारण जहां अतिआत्मविश्वास रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि भी रही है। इसके साथ-साथ सहानुभूति फैक्टर भी चुनाव में अहम रहा है। वहीं, कुछ अन्य कारण भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारणों पर बैठक में चर्चा हो रही है और इन्हें सामने रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
रणधीर शर्मा ने कहा कि अभी तो केवल उपचुनाव ही हुए थे और कांग्रेस ऐसे बात कर रही है मानों वह विधानसभा जीत गई हों। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभी तक यह भी नहीं बता पाई है कि उसका मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में 12-13 नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं और इससे साफ है कि कांग्रेस कितने गुटों में बंटी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों को अभी एक साल है। भाजपा इसके लिए पूरी तैयारी कर रही है और एक तय रणनीति बनाकर चुनाव में उतरेगी तथा 2022 के चुनाव में जीत दर्ज करेगी।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा की जा रही है और शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा वर्चुअल माध्यम इसका उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन के कामकाज की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की रणनीति बनाई जाती है। एक सवाल के जवाब में रणधीर शर्मा ने कहा कि संगठन में किसी प्रकार के फेरबदल का मुद्दे पर इस बैठक में चर्चा नहीं होती है। यह कार्य पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का है। उन्होंने कहा कि जिन हलकों से अनुशासनहीनता और भीतरघात की शिकायतें आई हैं, उनके मामले अनुशासन समिति को भेजी जाएगी और फिर इस पर आगे कोई निर्णय होगा।
