शिमला। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने सेब बागवानों की समस्याओं और इन पर छाए संकट को लेकर बुधवार को रिज मैदान पर प्रदर्शन किया। रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टियां लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वहां प्रदर्शन के बाद संगठन के कार्यकर्ता राजभवन पहुंचे और वहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को बागवानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक राठौर ने कहा कि प्रदेश की सेब आधारित 5 हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी संकट में है और इसे बचाने के लिए सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सेब के बागवानों का पिछले 4 और 5 वर्षो में 80 से 100 करोड़ डूबा है। इसके समाधान के लिए सभी आढ़तियों को लाइसेंस मिलने पर ही व्यापार की अनुमति दी जाए। साथ ही बागवानों व आढ़तियों को लूट से बचाने के लिए आर्थिक अपराध शाखा का गठन किया जाए, जिसमें केवल पैसे के लेन-देन संबंधी काम देखे जाए। इस समय यह कार्य पुलिस द्वारा देखे जाते हैं, लेकिन पुलिस के पास प्रशिक्षित अधिकारियों की कमी है।
राठौर ने कहा कि एपीएमसी एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक लाया जाए व एपीएमसी का सारा बजट बागवानी क्षेत्र के ढांचागत विकास कोल्ड स्टोर, सीए स्टोर व प्रोसेसिंग प्लांट पर खर्च किया जाए। सरकार को बागवानों की समस्याओं के निवारण के लिए बागवानी संबंधी एक विधेयक तैयार कर विधानसभा में लाना चाहिए, ताकि सेब से संबंधित सारी गतिविधियां कानून के दायरे में आ सके और इससे बागवानों के हितों की रक्षा की जा सके।
राठौर ने कहा कि सेब बागवानों से जुड़ी मांगों को लेकर उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने मांग की कि 4 पंचायतों या बीडीसी स्तर पर एक कोल्ड स्टोर खोला जाए और जिला परिषद स्तर फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाए। हर पंचायत में 30 लाख लीटर पानी की व्यवस्था बागवानी के उपयोग के लिए की जाए और 2 से 3 पंचायतों में बरसात व बर्फबारी में सड़कों को दुरुस्त करने के लिए एक जेसीबी की व्यवस्था की जाए। इससे प्राकृतिक नुकसान से सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जा सकेगा। वहीं, बाजार में शीघ्र अति शीघ्र यूनिवर्सल कार्टन को लाया जाए, जिससे बाजार में एक सिद्धांत स्थापित किया जा सके। यूनिवर्सल कार्टन के आने से खरीद फरोख्त का एक सिद्धांत स्थापित होगा।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधिमंडल में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक राठौर, मीडिया प्रभारी अनिल गोयल के अलावा मोहन चौहान, मदन शामिल थे। संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल गोयल ने बताया कि राज्यपाल ने करीब 30 मिनट तक विस्तार से बागवानों व किसानों की समस्याओं को सुना और इस विषय में सरकार के समक्ष बात रखने की भी बात कही।
