शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 सितंबर को होगा। एक दिवसीय इस सत्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे। यह सत्र हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की। परमार ने कहा कि इस विशेष सत्र में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री परिषद के सभी सदस्यगण तथा सदन के सभी सदस्य और पूर्व सदस्य भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति 11 बजे सदन के सभी सदस्यों को सम्बोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश भारतीय गणराज्य का 18वां राज्य बना था, यानी उस दिन हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी पूर्ण राज्यत्व के स्वर्णिम वर्ष को सम्पूर्ण उल्लास तथा धूमधाम से मना रहे हैं।विपिन परमार ने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने के लिए हमारे तत्कालीन नेतृत्व ने किस तरह से संघर्ष किया तथा पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने का क्या महत्व है और हमारे राजनेताओं का इसमें क्या योगदान रहा है, उस बारे में प्रदेश के युवाओं को शिक्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार प्रचार एवं प्रसार के माध्यम से कई तरह के कार्यक्रमों को आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कड़ी में हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्ण राज्यत्व के स्वर्णिम वर्ष 2021 के उपलक्ष्य पर 51 विशेष कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें विधानसभा में एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन भी शामिल है। परमार ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 16 सितंबर से 20 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश राज्य के पांच दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वह 17 सितंबर को विधानसभा सचिवालय में सदन के सदस्यों को सम्बोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तथा प्रणव मुखर्जी इस सदन में अपना संबोधन दे चुके है। इस प्रकार राम नाथ कोविंद तीसरे राष्ट्रपति होंगे, जो इस सदन में अपना संबोधन देंगे।
