शिमला। हिमाचल प्रदेश के सभी कांग्रेसजन और आम जनता दो दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। हर विधानसभा हलके में वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश वीरवार को भेजे गए और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों व स्थानीय प्रमुख नेताओं की देखरेख में दो दिन सभी कांग्रेस जन और आम लोग अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देंगे और सभी हलकों की प्रमुख नदियों में 17 जुलाई की सुबह अस्थियों को पावन सरोवरों में प्रवाहित की जाएंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर वीरवार को दिवंगत वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश रामपुर राजमहल से पूरे सम्मान के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन लेकर आए। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने प्रिय नेता को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। अस्थि कलश के राजीव भवन पहुंचने के बाद दो मिनट का मौन भी रखा गया। कांग्रेस कार्यालय में मंत्रोच्चार के बाद सभी ब्लॉक अध्यक्षों को अस्थि कलश सौंपे गए और उन्हें लेकर वे अपने-अपने ब्लॉकों को रवाना हो गए। डॉ. मस्तराम शर्मा ने पूरे मंत्रोच्चारण के साथ कांग्रेस अध्यक्ष के हाथों यह अस्थि कलश ब्लॉक अध्यक्षों को भेंट करवाए। इस दौरान लाहौल-स्पीति से आए लामा ताशी सोनम ओथोम ने वीरभद्र सिंह की आत्मा शांति के लिए विशेष बौद्ध पाठ किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक धनीराम शांडिल, रामलाल ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, मोहन लाल ब्राक्टा, विनय कुमार, पूर्व विधायकों में कुलदीप कुमार, गंगू राम मुसाफिर, कुलदीप पठानिया, रंगीला राम राव, आदर्श सूद, रवि ठाकुर, रोहित ठाकुर, किशोरी लाल, डॉ. वीरू राम किशोर, तिलक राज शर्मा के अतिरिक्त प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा व अन्य पार्टी पदाधिकारी प्रदेश कांग्रेस के अग्रणी संगठनों के प्रमुख व सभी जिलों के अध्यक्ष ब्लॉकों के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी व भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। इससे पूर्व, कांग्रेस कार्यालय में वीरभद्र सिंह के अस्थिकलश पहुंचने पर कार्यकर्ता भाव विभोर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने इस दौरान कहा कि प्रदेश ने अपना एक महान नेता, एक महान व्यक्तित्व को खो दिया, जिसकी कमी हमेशा खलेगी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा उनके अंतिम दर्शनों में उमड़ी भीड़ से साफ लगाया जा सकता है, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने अपनी नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रदेश के हजारों लोगों की इच्छा थी, जो उनके अंतिम दर्शन नहीं कर सके थे कि वे अपने प्रिय नेता वीरभद्र सिंह के अस्थिकलश को अपने-अपने क्षेत्रों में श्रद्धासुमन अर्पित करें। इसके लिए उन्होंने वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह व पुत्र विक्रमादित्य सिंह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके इस आग्रह को स्वीकार किया।राठौर ने कहा कि वीरभद्र सिंह के अस्थियां 17 जुलाई को सुबह 10 बजे के बाद पूरी श्रद्धा से पावन नदियों या सरोवरों में विसर्जित की जाएगी। इसमें सभी कांग्रेस के नेता, विधायक, पूर्व विधायक पार्टी पदाधिकारी व सभी अग्रणी संगठनों के पदाधिकारी, विभागों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता अवश्य शामिल होंगे।

