फाइल फोटो
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शिमला। कांग्रेस दिग्गज वीरभद्र सिंह के पंचतत्व में विलीन होने के बाद शनिवार को विक्रमादित्य सिंह पहली बार मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने ताउम्र वीरभद्र सिंह द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने की बात कही। मोक्ष धाम में अपने पिता को मुखाग्नि देने के बाद विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनके पिता के जो सिद्धांत थे, उनकी जो सोच हिमाचल प्रदेश के लिए थी, उसे वे आगे बढ़ाएंगे। वीरभद्र सिंह ने सबसे बड़ा काम किया हिमाचल को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था। विक्रमादित्य ने कहा कि उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य है कि वे वीरभद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर आगे चलें और वे उस पर चलेंगे। उनका कहना था कि इसमें कठिनाई भी आएगी। बहुत से उतार-चढ़ाव भी आएंगे, लेकिन वे वचन देते हैं कि उनके दिखाए रास्ते पर ताउम्र चलेंगे और उनकी सोच को हिमाचल प्रदेश में लागू करने का हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।
विक्रमादित्य ने कहा कि एक न एक दिन सबको यह संसार छोड़ कर जाना है। वे तो उनके पुत्र हैं और वे आजीवन उनके दिखाए रास्ते पर चलेंगे, लेकिन उन्हें विश्वास है कि उनके साथ-साथ सैकड़ों ऐसे लोग प्रदेश के होंगे, जो उनकी सोच को उनके विचारों को अपनाते हुए हिमाचल प्रदेश को नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए काम करेंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह का देवी-देवताओं के प्रति अटूट विश्वास था। उन्होंने कि सैंकड़ों मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण करवाया।

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