रिकांगपिओ। किन्नौर जिला प्रशासन ने जिले के गृह संगरोध (होम आइसोलेशन) कोविड रोगियों की सुविधा के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। जिला प्रशासन ने ऐसे कोविड-19 रोगियों की सुविधा के लिए 10 सदस्यों का परामर्श दल का गठन किया है, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा मनोविज्ञान के प्रोफेसर व महिला एवं बाल कल्याण विभाग के काउंसलर को शामिल किया गया है।
यह परामर्शदाता जिले के गृह संगरोध कोरोना रोगियों से फोन पर बातचीत कर उनको आ रही कठिनाइयों की जानकारी हासिल करेंगे तथा उसके निदान संबंधी परामर्श व सुझाव रोगियों को देंगे। यह रोगियों की मनोविज्ञान एवं समाजिक समस्याओं का निदान भी सुनिश्चित बनाएंगे, ताकि कोरोना रोगियों को चिकित्सीय सहायता के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सुदृढ़ बनाया जा सके तथा उनके मनोबल बढ़ाया जा सके। बता दें कि जिले में वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कुल 381 मामले सक्रिय हैं, जिनमें से 43 रोगी विभिन्न अस्पतालों व कोविड केयर सेन्टर में दाखिल हैं तथा 338 रोगी गृह संगरोध पर हैं।
किन्नौर के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बुधवार को बताया कि परामर्श दल गठित करने का मुख्य उद्देश्य गृह संगरोध रोगियों को चिकित्सा तथा मनोवैज्ञानिक साहयता उपलब्ध करवाना है। इसलिए परामर्श दल में चिकित्सकों के अलावा मनोविज्ञान से संबंधित विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। ये गृह संगरोध कोविड रोगियों की सभी प्रकार की समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे तथा जिला प्रशासन को भी उनकी समस्याओं के बारे में अवगत करवाएंगे। उन्होंने कहा कि परामर्श दल जहां संगरोध कोरोना रोगियों की स्वास्थ्य संबंधित जानकारी हासिल करेंगे, वहीं वे कोरोना से लड़ने के लिए कोविड रोगियों की मोटिवेट भी करेंगे, ताकि गृह संगरोध रोगियों को इस बीमारी से मानसिक रूप से लड़ने के लिये तैयार किया जा सके। परामर्शदाता कोविड रोगियों की जरूरतों की जानकारी हासिल करेंगे, ताकि जिला प्रशासन समय पर उनकी हर तरह से सहायता कर सके।
उपायुक्त ने कहा कि कई बार गृह संगरोध रोगी अपने को अलग-थलग सा महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि घर पर उन्हें न तो सही प्रकार से चिकित्सीय सहायता मिल रही और न घर परिवार से मॉरल सपोर्ट मिल रहा है। ऐसे में उनका डिपरेशन में जाने का भय बना रहता है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों का दल गठित किया है जो नियमित रूप से गृह संगरोध रोगियों से फोन पर बातचीत कर उन्हें कोविड से लड़ने के लिए मोटिवेट, चिकित्सीय सहायता व परामर्श देंगे व अन्य समस्याओं का निदान सुनिश्चित बनाएंगे।
