शिमला। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक राजेश धर्माणी ने कहा है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण जिला बिलासपुर सहित प्रदेश के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर व आईसीयू संचालित नहीं होने से मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि हैरानी इस बात की है कि केंद्र व राज्य सरकार के आपसी तालमेल न होने के कारण इस भीषण महामारी के दौरान भी एम्स बिलासपुर में तैनात किए गए 76 विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं नहीं ली जा रही हैं। यही नहीं, एम्स में तैयार हो चुके अस्पताल भवनों को कोविड मरीजों के उपचार के लिए प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है।
धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर एम्स में एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के चिकित्सक एम्स में तैनात किए गए हैं, लेकिन सरकारी लालफीताशाही और असंवेदनशीलता की वजह से इस भयंकर महामारी से निपटने में इनकी सेवाएं नहीं ली जा रही। वहीं, दूसरी तरफ इलाज के अभाव में कई मरीज असमय मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मरीजों के इलाज के लिए एक तरफ स्कूल, कालेज व अन्य संस्थाओं के निजी भवनों को भी कोविड केयर सेंटर के तौर पर प्रयोग में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एम्स बिलासपुर के नवनिर्मित भवनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना सभी की समझ से परे है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भी कुछ दिन पूर्व एम्स डॉक्टरों की सेवाएं लेने की बात कही थी, लेकिन यह सिर्फ बयान तक सीमित रहा और धरातल में कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने शीघ्र इस संदर्भ में कोई कदम नहीं उठाया तो कांग्रेस पार्टी जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेगी।
धर्माणी ने कहा कि कोरोना वायरस से हर दिन सैकड़ों लोगों की जान जा रही है और मरने वालों में ऐसे कई युवा भी शामिल हैं जिनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस आपदा से निपटने में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साथ सहयोगी पेरामेडिकल स्टाफ सदस्यों के अतिरिक्त कई अन्य कोरोना वारियर का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित रोगियों को अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कोविड केयर सेंटर्स में भर्ती किए गए कोविड-19 के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए सरकार ने जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों से विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए हैं, लेकिन फिर भी डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि चिकित्सकों की कमी को तुरंत दूर कर कोविड मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जाए।
