शिमला। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों में से दो धर्मशाला और मंडी नगर निगम में कांग्रेस को मिली हार की अब कांग्रेस समीक्षा करेगी। प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी व AICC सचिव गुरकीरत सिंह इन दोनों नगर निगमों में मिली हार के कारणों की जांच करेंगे और 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे। उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धर्मशाला और मंडी ब्लाक कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रदेश के धर्मशाला और मंडी नगर निगम में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। मंडी में तो कांग्रेस को करारी हार मिली है, जबकि धर्मशाला में भाजपा ने निर्दलीय पार्षदों की मदद से नगर निगम पर कब्जा किया है। वहां कांग्रेस पिछली बार सत्ता में थी और इस बार वह सत्ता से बाहर हुई है। इन दोनों नगर निगमों के परिणामों को आशा के अनुरूप न पाते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हार के कारणों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पार्टी ने प्रदेश मामलों के सहप्रभारी व AICC सचिव गुरकीरत सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है।
गुरकीरत सिंह धर्मशाला और मंडी का दौरा करेंगे और वहां पर ब्लाक व इन नगरों से ताल्लुक रखने वाले पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से हार के कारणों को जानेंगे। दोनों जगहों का दौरा करने के बाद गुरकीरत सिंह हार के कारणों की रिपोर्ट तैयार करेंगे और 10 दिन के भीतर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
उधर, HPCC अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मशाला व मंडी ब्लॉक कमेटियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में राठौर ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। धर्मशाला और मंडी ब्लाक कांग्रेस कमेटियों में गुटबाजी भी कम नहीं हैं और हार का एक बड़ा कारण इसे भी माना जा रहा है। धर्मशाला में कांग्रेस कई गुटों में बंट चुकी है और इसका फायदा भाजपा ने उठाया है। वहीं, गुटबाजी के कारण ही धर्मशाला में कई बागी भी चुनाव में उतरे थे और उन्होंने भी कांग्रेस का खेल बिगाड़ा है। अब हार के कारणों की समीक्षा में ही सभी कारण सामने आएंगे।
