धर्मशाला। ऊना से विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और अफसरशाही पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और उसे सत्ता संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने धर्मशाला में सहायक दवा नियंत्रक के पद पर कार्यरत निशांत सरीन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही जांच के हवाले से गंभीर आरोप लगाए।
सत्ती ने बताया कि निशांत सरीन, उसके पारिवारिक सदस्यों व सहयोगियों के हिमाचल, पंजाब और हरियाणा स्थित 7 आवासीय व व्यावसायिक परिसरों और सरकारी कार्यालयों में हुई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज ईडी के हाथ लगे हैं, जो सरकार की भ्रष्ट नीतियों की पोल खोलते हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि पंचकूला की एक दवा कंपनी में सरीन की पत्नी की 95 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा, 40 से अधिक बैंक खाते, 3 महंगी कारें, एफडीआर और 3 लॉकर जब्त किए गए हैं। चंडीगढ़ स्थित आवास से 60 से अधिक शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांगड़ा, चंबा और ऊना क्षेत्र के दवा विक्रेताओं व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से यह अधिकारी रिश्वत मांगता था। उन्होंने खुलासा किया कि कई दवा विक्रेताओं ने फोन पर उन्हें बताया कि लाइसेंस रिन्यू करवाने के एवज में 50-50 हजार रुपये की मांग की जाती थी। जब विरोध हुआ तो सरीन ने स्वयं यह स्वीकार किया कि इस पद पर तैनाती के लिए उसने 30 लाख रुपये खर्च किए हैं और उसे ऊना व शिमला में 5-5 लाख रुपये मासिक देना पड़ता है।
सत्ती ने तीखा सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कांग्रेस का वह कौन नेता है, जिसने 30 लाख रुपये लिए? वह कौन है जिसे हर महीने ऊना और शिमला में पैसे पहुंचाए जाते थे? उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को विधानसभा में गंभीरता से उठाया था, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, जो उसकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने याद दिलाया कि उच्च न्यायालय ने पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि किसी भी संवेदनशील पद पर ऐसे अफसरों की नियुक्ति न हो, जिनकी सत्यनिष्ठा संदिग्ध हो, फिर भी सरकार ने जानबूझ कर ऐसे अधिकारी को नियुक्त किया। सत्ती ने यह भी कहा कि पहले भी सरीन भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा जा चुका है।
सत्तपाल सत्ती ने यह भी आरोप लगाया कि हिमाचल में बनने वाली दवाएं बार-बार फेल हो रही हैं और इसका कारण ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की तैनाती है। विमल नेगी मामले की तरह यह मामला भी सरकार की अफसरशाही की पोल खोलता है, जिसमें अब सीबीआई जांच कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि सुक्खू सरकार न केवल भ्रष्टाचारियों को, बल्कि नशा तस्करों को भी संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि चिट्टे जैसी घातक नशे की लत से हिमाचली युवा बर्बाद हो रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
सत्ती ने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने ईमानदार हिमाचल की छवि को धूमिल किया है और हिमाचलवासियों को शर्मसार किया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
