शिमला। शहरी विकास व आवास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि वर्ष 2050 तक शिमला शहर में पानी की समस्या को दूर करने के लिए वर्ल्ड बैंक से पोषित 1813 करोड़ रुपए की परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि राजधानी शिमला में पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए 37 किमी. लंबे पैदल पथ का निर्माण किया गया है। वे मंगलवार को राजधानी शिमला के टूटीकंडी में 1.11 करोड़ रुपए से निर्मित पैदल चलने योग्य पुल का लोकार्पण और 47 लाख से निर्मित होने वाले कार पार्किंग एवं व्यवसायिक परिसर का शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि टूटीकंडी क्षेत्र में विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी है। गाड़ियों की ज्यादा आवाजाही के चलते पैदल चलने वाले पुल से यहां के लोगों को आने-जाने में सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में सारे पुलों का निर्माण कार्य अमरुत मिशन के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 47 लाख से निर्मित होने वाले पार्किंग एवं व्यवसायिक परिसर से यहां के लोगों को पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ रोजगार एवं व्यवसाय स्थापित करने के अवसर भी प्रदान होंगे।
सरेश भारद्वाज ने कहा कि पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए शिमला शहर में 37 किलोमीटर पैदल पथ का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला शहर के अलग-अलग स्थानों में सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर की सूरत बदलने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों तथा आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
कार्यक्रम में निवर्तमान महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, निवर्तमान उप-महापौर शैलेन्द्र चौहान, पूर्व पार्षदगण, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश कपूर, नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली, अतिरिक्त आयुक्त बीआर शर्मा, महाप्रबंधक प्रशासन शिमला स्मार्ट सिटी अजीत भारद्वाज, महाप्रबंधक तकनीकी, अधिशाषी अभियंता नगर निगम राजेश ठाकुर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, मण्डल सचिव राजेश्वरी शर्मा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
