सोलन। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को अपनी हद में रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी उतना ही करें, जितना की पच जाए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी ऐसे रंग में हैं कि उन्हें लगता है कि सुबह नहीं होगी, लेकिन तीन माह की ही बात है। उसके बाद सरकार कांग्रेस की ही आएगी। उन्होंने कहा कि उपायुक्त शिमला ने मंत्री के दबाव में आकर वार्डों का गलत परिसीमन कर दिया। ऐसे में उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं है।
अग्निहोत्री ने सोलन में कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जहां भी जा रहे हैं, कह रहे हैं कि रिवाज बदलने वाला है। लेकिन हिंदुस्तान में कहीं भी सत्ता वापसी हुई हो, हिमाचल प्रदेश में भाजपा वापस नहीं होगी। मुख्यमंत्री सुबह उठकर करोड़ों की सिर्फ कोरी घोषणाएं कर रहे हैं। मगर तीन माह में तो शौचालय तक नहीं बनता। यह सभी घोषणाएं बिना बजट की हैं। उन्होंने कहा कि सोलन में कांग्रेस के विधायक हैं। इसलिए यहां की जनता से भेदभाव किया जा रहा है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयराम सरकार दिल्ली से नेताओं को बुला रही है। यदि वह चार साल काम करते तो दिल्ली से किसी नेता को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री शिमला आए थे तो उनसे हिमाचल के हितों की बात करनी चाहिए थी। हाटी समुदाय, सेब उत्पादकों और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रधानमंत्री से रिज से घोषणाएं करवानी चाहिए थी। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री के समक्ष हिमाचल की हित की बात रखने की हिम्मत नहीं रखते।
अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला को जयराम सरकार दबाने में जुटी हुई है। सबूत मिटाने के लिए टाइम बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सचिवालय और पुलिस हेडक्वार्टर के लोग शामिल हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र की सबसे पहले पुरानी पेंशन बहाली की होगी। राजस्थान में उन्होंने यह मुद्दा बैठक के दौरान हाई कमेटी के सामने भी रखा है कि जहां भी कांग्रेस की सरकार है, वह पुरानी पेंशन बहाली करवाए।
