Spread the love

कुल्लू। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की पेयजल परियोजनाओं के लिये कुल 2534.60 करोड़ रुपये की तीन बड़ी बाह्य सहायता परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित 1064.67 करोड़ रुपये की एक वृहद हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल सुधार परियोजना, न्यू विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित प्रदेश की छूटी अथवा आंशिक तौर पर शामिल बस्तियों को जलापूर्ति प्रदान करने के लिये 743 करोड़ रुपये की परियोजना तथा एएफडी केे तहत वित्त पोषित 726.93 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश के पांच शहरों को पेयजल तथा स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने की परियोजना शामिल है।

महेन्द्र सिंह ठाकुर शनिवार को मनाली में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व अभियंताओं के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिये कि जिला में हर घर में नल तथा नल में जल सुविधा योजना के तहत जुलाई माह तक शत-प्रतिशत घरों को कवर करने के लिये प्रयासों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पेयजल सुविधा प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार है और इस लक्ष्य को तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जिला के विभिन्न भागों में निर्माणाधीन जलापूर्ति योजनाओं की संबंधित मण्डलों के अभियंताओं से क्रमवार जानकारी हासिल करके आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि एशियन विकास बैंक की वित्त पोषित परियोजना के तहत उन जलापूर्ति योजनाओं का सुधार व मुरम्मत की जाएगी जिनका निर्माण वर्ष 2000 से पूर्व किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाओं का पता लगाकर आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। इसी प्रकार, एएफडी वित्त पोषित परियोजना प्रदेश के पांच शहरों को जलापूर्ति तथा स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिये स्वीकृत हुई है और इसमें कुल्लू, पालमपुर, नाहन, बिलासपुर तथा करसोग शहरों को सम्मिलित किया गया है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि मनाली तथा आस-पास की ग्राम पंचायतों के लिये तैयार की गई लगभग 315 करोड़ रुपये की मल निकासी परियोजना का कार्य अगले तीन चार माह में आरंभ हो जाएगा। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिये कि इस परियोजना के निर्माण के लिये निविदा प्रक्रिया को आगामी 31 अगस्त तक पूरा कर लें ताकि सितम्बर माह में कार्य आंरभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि कुल्लू शहर में प्रदेश की पहली किस्म के सिवरेज ट्रीटमेन्ट संयुत्र ने कार्य करना आंरभ कर दिया है जो राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के मानदण्डों पर पूरी तरह खरा उतरा है।
बैठक में प्रमुख अभियंता परियेाजना सुशील जस्टा, मुख्य अभियंता सुरेश महाजन व धर्मेन्द्र गिल तथा बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं से जुड़े समस्त अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंता उपस्थित रहे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *