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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को केन्द्रीय वित्त मन्त्री निर्मला सीतारमण द्वारा ”कृषि एवं सम्बन्धित क्षेत्र“ के लिए घोषित 1.63 लाख करोड़ रूपये से अधिक के पैकेज का स्वागत किया है। इन 11 बिन्दुओं पर केन्द्रित पैकेज के प्रथम आठ बिन्दु इस क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला, भण्डारण तथा अन्य व्यवस्थाओं की स्थापना से सम्बन्धित हैं तथा अन्तिम तीन बिन्दु प्रशासनिक सुधार तथा सुशासन से सम्बन्धित हैं।
मुख्यमंत्री ने फसलोत्तर प्रबन्धन तथा खाद्य विधायन, प्राथमिक कृषि समितियों के लिए बेहतर कृषि अधोसंरचना इत्यादि के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से देश के किसानों को मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्थानीय सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फण्ड की स्थापना का भी स्वागत किया, जिससे लगभग दो लाख इकाइयां लाभान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उद्यमियों को क्लस्टर आधार पर स्वास्थ्य उत्पाद, आर्गेनिक उत्पाद इत्यादि बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा सूक्ष्म वन उत्पाद के दोहन के लिए भी इस फण्ड का लाभ लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस फंड से हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा।
जयराम ठाकुर ने प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत मत्स्य क्षेत्र के मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से समुद्री एवं अन्तर्देशीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये तथा आवश्यक आधारभूत संरचना के लिए नौ हजार करोड़ रुपये से मछुआरों की सहायता की घोषणा का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार द्वारा लगभग 13,343 करोड़ रुपये का प्रावधान कर पशुपालकों के लगभग 53 करोड़ पशुओं को मुंह तथा खुर बीमारियों से बचाने के लिए सभी पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित बनाने के निर्णय का भी स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे तथा उनकी आय में वृद्धि होगी। 
जयराम ठाकुर ने मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित करने के लिए भी केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग दो करोड़ मधुमक्खी पालकों को शहद, मोम तथा अन्य उत्पाद बनाने के लिए सहायता मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति भी मिलेगी। उन्होंने प्याज, टमाटर इत्यादि पर सहायता के अतिरिक्त अन्य फसलों को भी पायलट आधार पर छह महीने के लिए ‘टाॅप-टू-टोटल’ योजना में शामिल करने की योजना का भी स्वागत किया है, जिसके अन्तर्गत 50 प्रतिशत माल भाड़ा अनुदान, भण्डारण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में सहायता दी जा रही है। इस योजना को सफलता के आधार पर अन्य क्षेत्रों में भी कार्यान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने टमाटर, आलू, प्याज, दालें, तिलहन इत्यादि को अविनियमित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे केवल अवांछनीय प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे कि राष्ट्रीय आपदा, सूखा इत्यादि की परिस्थिति में ही इन फसलों को इस अधिनियम के प्रावधानों के अन्र्तगत फिर से विनियमित किया जा सकेगा और इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

जय राम ठाकुर ने किसानों को आकर्षक मूल्य पर अपने उत्पाद को बेचने के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एक केन्द्रीय कानून लाने के निर्णय का भी स्वागत किया, जिससे कृषि उत्पाद की अन्तरराज्यीय ढुलाई में आने वाली रुकावटों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को पसन्द की मण्डी में अपना उत्पाद बेचने का अवसर मिलेगा तथा उचित मूल्य मिलने से उनकी आय में वृद्धि होगी।

By admin

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