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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि इज़राइल-ईरान युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों विशेषकर खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की पहली और सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों के बीच मोदी सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की। 

विनय कुमार ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिक भारत की आर्थिक रीढ़ हैं। उनकी मेहनत से अरबों रुपये देश में आते हैं और आज वही प्रवासी भारतीय युद्ध के खतरे के बीच पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तुरंत अपने सभी दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए ताकि हर भारतीय नागरिक को सुरक्षा, आश्रय, भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सहयोग तत्काल उपलब्ध कराया जा सके। 

विनय कुमार ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विदेश नीति के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जब भारतीयों की जान पर बन आती है तो सरकार की “व्यवस्था” और “तैयारी” दोनों नदारद दिखती हैं। यह समय फोटो-ऑप या बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि कड़े और त्वरित कदम उठाने का है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष रूप से चिंता जताई कि हिमाचल प्रदेश के 50 हजार से अधिक लोग युद्ध प्रभावित खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवारजन रात-रात भर जागकर अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस योजना या भरोसेमंद घोषणा सामने नहीं आई है।

विनय कुमार ने प्रधानमंत्री से मांग की कि भारत तुरंत विशेष विमानों और सुरक्षित कॉरिडोर के साथ एक बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू करे। उन्होंने कहा कि दूतावासों को युद्धकालीन बैकअप टीमों, हेल्पलाइनों और राहत केंद्रों के साथ 24 घण्टे सातों दिन सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल समेत सभी राज्यों के नागरिकों का डेटा एकत्र कर परिवारों को लगातार सूचित रखा जाए। उन्होंने कहा है कि भारतीयों की सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

By admin

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