बोले – यह बजट तात्कालिक लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती, निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर केंद्रित
बजट में पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम माना गया – बिक्रम ठाकुर
धर्मशाला। पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026 देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला दूरदर्शी और संतुलित बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट तात्कालिक लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती, निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर केंद्रित है। यह बजट स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता केवल विकास नहीं, बल्कि समान अवसरों के साथ समावेशी विकास है।
बिक्रम ठाकुर ने बुधवार को नूरपुर में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि देश की आर्थिक नीति को सब्सिडी आधारित मॉडल से निवेश आधारित मॉडल की ओर मजबूती से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स में किए गए प्रावधान आने वाले वर्षों में रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करेंगे। इससे देश की उत्पादक क्षमता बढ़ेगी और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत भूमिका निभाएगा।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि रेलवे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बजट ने देश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प दोहराया है। रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण, सुरक्षा, विद्युतीकरण और स्टेशन विकास से यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और माल परिवहन को गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ उद्योग, कृषि, पर्यटन और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पिछड़े और दूरदराज़ क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
भाजपा नेता ने कहा कि बजट में पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम माना गया है। पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं और अनुभव आधारित विकास पर जोर देकर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पर्यटन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आजीविका का सशक्त माध्यम है। इससे होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पाद और हस्तशिल्प से जुड़े लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही, पर्यटन के विस्तार से क्षेत्रीय असंतुलन भी कम होगा।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि बजट में माउंटेन ट्रेल, ट्रैकिंग और एडवेंचर टूरिज्म जैसे नए आयामों को प्रोत्साहन देकर पर्यावरण-अनुकूल विकास का संदेश दिया गया है। इससे भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर दबाव कम होगा और नए क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह पहल युवाओं को स्थानीय स्तर पर गाइड, सेवाओं और स्वरोजगार से जोड़ने में सहायक होगी।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बजट ने भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। स्टार्ट-अप, एमएसएमई, नवाचार और नई तकनीकों को समर्थन देकर उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया है। इससे युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने का अवसर मिलेगा। मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन से आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना और सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि आम जनता, मध्यम वर्ग, किसानों और गरीबों के लिए बजट में आर्थिक सुरक्षा और अवसरों का संतुलन दिखाई देता है। कर प्रणाली में सरलता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की निरंतरता और बुनियादी सेवाओं पर फोकस से जीवन स्तर में सुधार होगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ठाकुर ने कहा कि यह बजट स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार राज्यों के विकास को समान रूप से महत्व देती है। संसाधनों का बेहतर उपयोग, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। बजट में किए गए प्रावधान आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप है। यह बजट देश के हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर राज्य को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प है और विकसित भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
