टारिंग के तीन दिन में ही उखड़ने लगी थी टारिंग
शिमला। शिमला जिला के ठियोग में नेशनल हाईवे-5 पर इन दिनों चल रही सड़क की टारिंग की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। ठियोग में की जा रही टारिंग के चंद दिन में उखड़ने से सवाल उठे हैं और इसका वीडयो भी सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहा है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के चीफ इंजीनियर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के क्वालिटी विंग को भी सड़क निर्माण की क्वालिटी को चैक करने को कहा है।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार किसी भी तरह के निर्माण कार्य में क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। इस सड़क की टारिंग के लिए केंद्र सरकार से 4 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है, जिसके चलते इस सड़क की टारिंग और मेटलिंग का काम चल रहा है। इस सड़क पर टारिंग की गुणवत्ता ठीक न होने से लोक निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया है की जांच रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया गया तो सरकार उससे सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार बारिश के चलते लोक निर्माण विभाग को भारी नुकसान हुआ है। बरसात से विभाग की 1500 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों को रिस्टोर कर लिया गया है और 40 सड़कें अभी भी बंद हैं जिन्हें युद्ध स्तर पर बहाल किए जाने का काम जारी है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत कार्य में मौसम बड़ी बाधा बन रहा है। सड़कों की मरम्मत का काम शुरू होने के बाद बारिश होने से काम प्रभावित हो रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि फिर भी उन्होंने अपने सभी फील्ड स्टाफ को सड़कों की मरम्मत का काम तय समय में पूरा करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सड़कों और डंगों का काम के लिए पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट (पीडीएनए) से हिमाचल को 1400 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। इसके टेंडर अवॉर्ड कर दिए गए हैं और समय पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चंबा और मंडी में जो 40 सड़के बंद हैं उसे ठीक करने का काम जारी है।
पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप हो मुद्दों पर आधारित
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवाल पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप मुद्दों पर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में निजी रूप से किसी पर हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को सम्मानजनक तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा में कुछ नेता बेलगाम हैं, जरूरी नहीं कि उसका जवाब भी उन्हीं की भाषा में दिया जाए। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि मुद्दों पर कटाक्ष करें, जिसका वह स्वागत करते हैं। व्यक्तिगत रूप से हमला करके लोगों को इसका कोई लाभ नहीं होगा।
