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भाजपा‌‌ प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने पूछा – क्या राहुल गांधी इतने डरपोक हैं कि वे अपने गठबंधन के साथी पर उंगली नहीं उठा सकते 

कहा – कोलकाता महिला डॉक्टर रेप-मर्डर केस में इंसाफ की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, पर इन आंदोलनों पर टीएमसी नेता चुप्पी साधे 

शिमला‌। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने शुक्रवार को यहां कोलकाता महिला डॉक्टर रेप मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले बोले। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी इसी मुद्दे को लेकर घेरा। 

खेड़ा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा वह एक अत्यंत गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए यहां आई हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है। पश्चिम बंगाल, जो कभी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता था, आज टीएमसी की सरकार के तहत महिलाओं के लिए एक नर्क बनता जा रहा है। और इसका सबसे बड़ा प्रमाण है हाल ही में घटी घटनाएँ, जो हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर कर रख देती हैं। उन्होंने कहा कि हाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर की जो जघन्य वारदात हुई, उसका गुस्सा पूरे देश में देखा जा रहा है। देशभर के डॉक्टर नाराजगी से भरे हैं और जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। लड़की के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई है उसकी तुलना दिल्ली में हुए निर्भया केस से की जा रही है लेकिन इस बेहद  शर्मनाक और संवेदनशील घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार का रवैया कम आश्चर्यजनक नहीं है। 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूरा घटनाक्रम जिस तरह से हुआ और इस मसले पर जैसा रवैया ममता बनर्जी सरकार का रहा, वो साफ इशारा कर रहा है कि डॉक्टर बेटी के साथ जो दरिंदगी हुई, उसकी कड़ियां कहीं ना कहीं टीएमसी से जुड़ी हैं। मेडिकल कॉलेज में जघन्य वारदात के बाद आरोपियों को फौरन पकड़ने की बजाय पुलिस और मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने मामले में जिस तरह की लीपापोती की, उससे साजिश वाला शक और ज्यादा गहरा गया है। 

लेडी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस में डेड बॉडी देखकर ही यह बात पता चल रही थी कि उसके साथ बर्बरता की गई है, लेकिन पुलिस पहले ही इसे सुसाइड का एंगल देने में जुट गई। जब दबाव बढ़ा तो एक आरोपी को गिरफ्तार करके मामले को दबाने की कोशिश की गई। अब जब लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबके सामने है, तो ममता सरकार और पुलिस क्या जवाब देगी? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ये दावा कर रहे हैं कि इस जुर्म ने एक से ज्यादा आरोपी शामिल हैं। ऐसे में क्या सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार करके किसी और बचाने की भूमिका तैयार की गई। उन्होंने कहा कि अदालत ने भी इस घटना पर ममता सरकार के गैरजिम्मेदाराना रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट से कड़े शब्दों में पूछा कि आखिर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शियाकत दर्ज क्यों नहीं कराई। 

खेड़ा ने कहा कि यह घटना जितनी वीभत्स थी उसके हिसाब से एक महिला मुख्यमंत्री से ये उम्मीद होती है कि वो ऐसे मामलों पर ज्यादा संवेदनशीलता दिखाएंगी, पर ऐसा नहीं हुआ। राज्य में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। राज्य सरकार चाहती तो अपनी तरफ से ही इस मुद्दे को सीबीआई को सौंप सकती थी, लेकिन लेकिन ऐसा न करके सबूतों को नष्ट होने जाने दिया गया। अंत में कलकत्ता हाईकोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। 

इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल टीएमसी नेताओं की चुप्पी पर है। कोलकाता महिला डॉक्टर रेप-मर्डर केस में इंसाफ की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, पर इन आंदोलनों पर टीएमसी नेता चुप्पी साधे हुए हैं‌। कोलकाता रेप केस अगर सामान्य घटना है तो फिर टीएमसी के नेता मुंह छुपाए क्यों घूम रहे हैं। 

राधिका ने कहा कि ममता सरकार और इंडी गठबंधन के मौन से सवाल यह उठता है कि इंडी गठबंधन के नेता इस मामले पर चुप क्यों हैं? क्या महिलाओं की सुरक्षा उनके लिए कोई मुद्दा नहीं है? क्या पश्चिम बंगाल की बहनों की पीड़ा उनके लिए कोई महत्व नहीं रखती? राहुल गांधी, जो कांग्रेस के सबसे बड़े नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, उन्हें इस घटना को समझने में पाँच दिन लग गए। और जब उन्होंने ट्वीट किया, तो उसमें टीएमसी या ममता बनर्जी का नाम तक नहीं लिया,‌ क्यों? क्या राहुल गांधी इतने डरपोक हैं कि वे अपने गठबंधन के साथी पर उंगली नहीं उठा सकते, चाहे वह कितना ही गंभीर अपराध हो? और बुधवार रात जो हिंसा हुई, जिसमें एक अस्पताल को बर्बरता से निशाना बनाया गया, उस पर भी राहुल गांधी ने एक शब्द नहीं कहा। क्या यह उनकी राजनीति की हद है? क्या महिलाओं की सुरक्षा उनके लिए कोई महत्व नहीं रखती, जब उनके गठबंधन के साथी पर सवाल उठते हैं?

कौन देगा बंगाल की महिलाओं को न्याय? 

राधिका खेड़ा ने कहा, “ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने साबित कर दिया है कि वे महिलाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। INDI गठबंधन, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। क्या बंगाल की महिलाएँ इस गठबंधन की स्वार्थी राजनीति का शिकार बनती रहेंगी? आज हम ममता बनर्जी, टीएमसी, और इंडी गठबंधन के सभी नेताओं से पूछना चाहते हैं, कब तक आप लोग बंगाल की महिलाओं के साथ हो रहे इस अन्याय पर चुप रहेंगे? कब तक आप अपराधियों को संरक्षण देंगे? कब तक आप अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेंगे? हम मांग करते हैं कि ममता बनर्जी और उनके सहयोगी इस मुद्दे पर जवाब दें। बंगाल की महिलाओं को न्याय मिले और उनका सम्मान सुरक्षित हो।”

खेड़ा ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ बंगाल की महिलाओं की नहीं है, यह पूरे देश की लड़ाई है। हमें एकजुट होकर ममता सरकार और इंडी गठबंधन की इस असफलता के खिलाफ खड़ा होना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए मीडिया के साथियों से इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की अपील करते हैं ताकि कोलकाता की बेटी को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार में कोई और जुल्म का शिकार बेटी सियासत की भेंट ना चढ़ सके।

By admin

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