शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा नौकरी से हटाए गए कोरोना आउटसोर्स कर्मियों के समर्थन में सामने आई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरकार से कोरोना काल में रखे गए इन आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी तुरंत बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पांच सालों में 5 लाख नौकरियां देने की गारंटी देकर सत्ता में आई कांग्रेस ने गांधी जयंती के मौके पर प्रदेश में 1850 कोरोना आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी से निकाला है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता प्राप्ति के लिए बेरोजगार युवकों को झूठी गारंटियां दी और घर-घर में जाकर घोषणा की कि कांग्रेस की सरकार बनते ही एक लाख बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देंगे। कांग्रेस ने उस समय कहा था कि हिमाचल प्रदेश में 67 हजार पद खाली हैं और 33 हजार पद नए सृजित करेंगे। इस प्रकार एक लाख बेरोजगारों को पहली कैबिनेट में सरकारी नौकरी देंगे। यह गारंटी वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी व सभी कांग्रेस के नेताओं ने घर-घर जाकर दी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन को लगभग एक साल होने को है, लेकिन एक लाख तो क्या वर्तमान सरकार ने एक भी नौकरी नहीं दी है। नौकरी देने के बजाय कोरोना आउटसोर्स की नौकरी सरकार से छीन ली। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में कोरोना से लड़ने के लिए युवक, युवतियों को भर्ती किया गया, जिन्होंने भयावह वायरस से लड़ते हुए रोगियों की सेवा की। जिन कोविड रोगियों को उनके परिवारजन भी हाथ नहीं लगाते थे, उनकी सेवा करते हुए अपने जीवन को खतरे में डाला। ऐसे कोविड वारियर्स को नौकरी से निकालने का निंदनीय कार्य कांग्रेस सरकार ने किया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन 1850 लोगों को अविलंब नौकरी पर ले और एक लाख बेरोजगारों को इसी साल सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाए।
