शिमला। भाजपा प्रवक्ता एवं विधायक बलबीर वर्मा ने कहा है कि सेब का सीजन शुरू हो चुका है और बागवान परेशान है। बागवानों को इस कांग्रेस की सरकार में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में काम कर रहे आढ़तियों और सरकार के बीच में टकराव हो रहा है।
वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावी वायदा किया था कि बागबान सेब का रेट खुद तय करेगा, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस कारण बागबानों को सेब कहीं और जाकर बेचना पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री तो ऐसे फरमान पेश कर रहे हैं जैसे एक मुगल शासक
और तुगलकी फरमान जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी घोषणाओं की इन्होंने कोई तैयारी नहीं करवाई, मंडियों में गए नहीं और अगर तोलकर सेब बेचना है तो मंडियों में तोलने का प्रावधान ही नहीं है। अब पुलिस और एसडीएम जाकर सीधा बोल रहे हैं कि अगर इस प्रकार से सेब नहीं बिका तो आढ़तियों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
बलबीर वर्मा ने कहा कि एचपीएमसी के पास सेब खरीदने का प्रावधान ही नहीं है तो वह सेब कैसे खरीदेंगे। इससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है और इसका फर्क हिमाचल के बागवानों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह जो इतने दिनों से झगड़ा चल रहा है इसमें सरकार आनंद ले रही है और बागवानों को तड़पा रही है।
वर्मा ने कहा कि भाजपा चाहती है कि सेब किलो के हिसाब से बिके। इसमें कोई संदेह नहीं है बागवानों को इसका फायदा है। एक तरह के कार्टन की जरूरत हिमाचल में है। इसके बारे में सरकार को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को लेकर सरकार की तैयारी ग्राउंड पर जीरो है और सरकार का कोई भी व्यक्ति बागवानों से बात करने फील्ड में गया ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में तीन-तीन एजेंसी लाइसेंस दे रही है। हमारी मांग है कि केवल एक ही एजेंसी लाइसेंस दे, वो भी फूल प्रूफ मैकेनिज्म के साथ। इस पत्रकार संवाद में भाजपा मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा और भाजपा नेता सूरत नेगी उपस्थित रहे।
