शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने रामपुर चुनावी दौरे के दौरान महंगाई और बेरोजगारी को लेकर एक शब्द भी नहीं बोला है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी महंगाई और बेरोजगारी पर बात करने के बजाए कांग्रेस पर ही ब्यानबाजी करती रहीं। बेहतर होता कि खुद को जनता हितैषी होने का ढोंग रचने वाली स्मृति ईरानी महंगाई कम करने के लिए कदम उठाने की बात करती।
चौहान ने कहा कि यह वही स्मृति ईरानी हैं जो मनमोहन सरकार में 450 रुपए के गैस सिलेंडर को मंहगा बताती नहीं थकती थी और सिलेंडर के साथ प्रदर्शन करती थीं। तब स्मृति ईरानी प्याज की मालाएं गले में डालकर मंहगाई के खिलाफ प्रदर्शन करती थीं, लेकिन आज जब सिलेंडर 1100 रुपए के पार है तो स्मृति इस पर मौन है। उन्होंने कहा दूध, दही जैसी खाने की वस्तुओं और बच्चों की किताबों, पढ़ाई-लिखाई के सामान पर जीएसी थोपकर महंगाई बढ़ाने का जिस मोदी सरकार ने काम किया, उसी सरकार का स्मृति ईरानी भी हिस्सा हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि स्मृति ईरानी को अपनी पार्टी के किए वादों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केंद्र में सरकार बनने पर हर साल 2 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बीते आठ सालों में नौकरियां तो नहीं मिली, उल्टे लाखों नौकरियां छीनी गई। केंद्र सरकार जिन सरकारी उपक्रमों को बेच रही है, उनमें भी हजारों बेरोजगार हो रहे हैं। आज हालात यह है कि बेरोजगारी की दर ने देश में 45 साल के रिकार्ड तोड़ दिया है। इस पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता बात करने से कतरा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने स्मृति ईरानी से कहा कि वह कांग्रेस की चिंता छोड़कर, अपनी पार्टी की सरकार की फिक्र करे, जिससे हर वर्ग नाराज है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी ओल्ड पैंशन और वेतन विसंगितयों को लेकर सड़कों पर लड़ रहा है। लेकिन उसकी सुनी नहीं जा रही। सैंकड़ों बागवान सेब की तैयार फसल को छोड़कर सचिवालय का घेराव करने को मजबूर हो गए, फिर भी अदानी के शोषण से उनको मुक्ति नहीं मिली। नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने कर्मचारी, किसानों, बागवानों और आम जनता से जो वादे किए हैं उनको हर हाल में पूरा करेगी।
