शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने सीमेंट के दामों में 35 रुपए की बढ़ोतरी पर हैरानी जताते हुए सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में यह तीसरी बार प्रदेश में सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी की गई है। तीन महीने पहले प्रति बैग 15 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इस प्रकार अब सीमेंट में एक बैग में 50 रुपए की बढ़ोतरी के साथ इसका मूल्य 480 रुपए प्रति बैग हो गया है। उन्होंने कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों में यह सीमेंट प्रदेश से सस्ते दामों में मिल रहा है तो प्रदेश में यह क्यों मंहगा बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आबोहवा और पर्यावरण की कीमत पर बनने वाला सीमेंट प्रदेश के लोगों को महंगी दरों में बेचा जाना, प्रदेश के लोगों के साथ एक बड़ा अन्यान्य है।
राठौर ने सीमेंट के बढ़े दामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते इसे लोगों के साथ खुली लूट करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीमेंट के बड़े दामों पर चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने सरकार से इसके मूल्यों में कमी करने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार इस पर खामोश बैठी रही तो कांग्रेस किसी भी जनआंदोलन से पीछे नही हटेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुछ समय पूर्व सीमेंट कंपनियों को इसके दामों में कमी करने को कहा था, लेकिन इसक् मूल्यों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से साफ है कि कंपनिया सरकार की नहीं सुनती और अपनी मनमानी कर मनमाने ढंग से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अंदर खाते सरकार और सीमेंट कंपनियों की सांठगांठ है। मुख्यमंत्री कहते कुछ हैं और होता कुछ है।
कुलदीप राठौर ने सरकार ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश में सीमेंट कंपनियों को लोगों को लूटने की खुली छूट दे रखी है। उन्होंने सरिया, स्टील के मूल्यों में 400 रुपए प्रति किवंटल की बढ़ोतरी को भी लोगों पर महंगाई की एक ओर मार बताते हुए कहा कि सरकार ने सबकुछ राम भरोसे छोड़ दिया है। लोगों पर बढ़ती महंगाई पर से भाजपा की आंखें पूरी तरह बंद हो गई हैं। अब निर्माण सामग्री के बढ़ते मूल्यों से लोगों को अपना घर बनाने का सपना भी इस सरकार ने तोड़ दिया है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
