शिमला। राजधानी शिमला में चल रही पेयजल की समस्या के निराकरण के लिए बुधवार को शहरी विकास, आवास व नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज ने गुम्मा स्थित पम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। शिमला शहर को पानी की आपूर्ति गुम्मा पम्पिंग स्टेशन से की जाती है। भारद्वाज ने कहा कि हाल ही में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से पानी की कमी आंकी गई थी। वहीं, गुम्मा में पानी की कमी को दूर करने के लिए चाबा से अतिरिक्त पानी उठाया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री ने इस दौरान गुम्मा पेयजल योजना के तहत गुम्मा में कृषकों को हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए उपमण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शकरोड़ी में विश्वबैंक से पोषित 1813 करोड़ रुपए की परियोजना का भी निरीक्षण किया, जिससे शिमला शहर को 2050 तक पानी की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत वन अधिकार अधिनियम की मंजूरी मिल चुकी है तथा कार्य को अवार्ड किया जा चुका है। कार्य को आरम्भ करने के लिए सभी सम्बद्ध विभाग कार्य कर रहे हैं।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पानी की दृष्टि से शहरी विकास विभाग को अमरूत मिशन के तहत दूसरे चरण में पेयजल एवं सीवरेज की समस्या के लिए 252 करोड़ रुपए की ग्रांट मिल चुकी है। योजना के तहत सभी शहरी निकायों में पेयजल एवं सीवरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।शहरी विकास मंत्री ने सुन्नी, बसंतपुर, शकरोड़ी व गुम्मा में लोगों की समस्याओं को सुना व अधिकतर समस्याओं का मौके पर निपटारा किया तथा शेष समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर शिमला नगर निगम महापौर सत्या कौंडल, एसजेपीएनएल निदेशक दिग्विजय सिंह चौहान, उपमण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण बाबू राम शर्मा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
