बिलासपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा कि प्रदेश की दशा और दिशा बदलने के लिए तथा हिमाचल को फल राज्य की पहचान कायम रखने के लिए हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्धन परियोजना चलाई जा रही है। यह परियोजना प्रदेश के निचले 7 जिलों के लिए एशियन विकास बैंक द्वारा स्वीकृत की गई है और इस पर 1688 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। वे जिला बिलासपुर के तलवाड़ा में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित प्रथम शिवा दिवस की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
गर्ग ने कहा कि इस योजना के तहत किसानों और बागवानों को दोबारा से खेती के साथ जोड़ना और शिक्षित युवाओं को घर-द्वार पर ही रोजगार के अवसर मुहैया करवाकर उनकी आर्थिकी सुदृढ़ करना है। इस परियोजना का महत्व यह भी है कि किसानों और बागवानों को 3 वर्ष के अंदर ही नगदी मिलना शुरू हो जाती है। जहां इस योजना ने किसानों के आर्थिक स्तर बढ़ाने का काम किया है, वहीं शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी यही लक्ष्य है कि किसानों की आय दोगुनी हो। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस योजना के तहत 10 हजार हैक्टेयर भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए प्रथम चरण में 75 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा रही है। इसके तहत दो वर्ष में 4500 हैक्टेयर भूमि क्षेत्र को कवर कर लिया गया है, जिसके तहत प्रदेश में 25 हजार किसानों व बागवानों के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जिला बिलासपुर में चार कलस्टर, जिसमें तलवाड़ा, लंजटा, मंझेड और दलहेत के 178 किसानों के परिवार इस योजना का लाभ ले रहे हैं।
राजिंद्र गर्ग ने किसानों और बागवानों से आग्रह किया कि इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेकर अपने जीवन स्तर को सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़े जिसके फलस्वरूप निश्चित रूप से प्रदेश विकास के शिखर की ओर अग्रसर होगा। इस मौके पर उन्होंने शिवा परियोजना में प्रगतिशील किसानों की अहम भूमिका निभाने के लिए स्मृति चिन्ह् देकर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डॉ. देवेन्द्र ठाकुर ने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश में प्रथम चरण में 18 कलस्टर स्थापित कर 27 समूहों के साथ 200 फ्रंटलाईन कलस्टर प्रदर्शित किए गए हैं। कार्यक्रम में सदर मंडल के अध्यक्ष एवं एपीएमसी के चेयरमैन हंस राज ठाकुर, जिला परिषद सदस्य बिमला देवी, बीडीसी सदस्य सत्या देवी, प्रधान ग्राम पंचायत धनी राम, उप प्रधान जितेन्द्र ठाकुर, उप निदेशक बागवानी डॉ. माला शर्मा, सूचना एवं प्रसार अधिकारी उद्यान डॉ. दिपक गुप्ता, कलस्टर के विभिन्न पदों पर कार्यरत किसान वंशी राम शर्मा, धनी राम, रणजीत, जिला समन्वय अधिकारी शिवा परियोजना डॉ. रमल अंगारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
