शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने कहा है कि कंटेनमेंट जोन तथा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ करने की आवश्यकता है, ताकि संक्रमण को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि एकांतवास में रह रहे मरीजों के लिए बनाए गए नियंत्रण कक्ष को कार्यशील करने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को चिकित्सा संबंधी परामर्श उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए। वे शुक्रवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला के समस्त उपमण्डलाधिकारियों के साथ कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से बचाव एवं नियंत्रण के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डीसी ने बताया कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला के सभी धार्मिक संस्थानों में भंडारे, लंगर इत्यादि पर पूर्णतः रोक है। उन्होंने इस संबंध में उचित देख रेख के लिए सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला में सार्वजनिक स्थानों पर कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना सुनिश्चित की जाए। यदि कोई व्यक्ति कोविड नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
आदित्य नेगी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को पैसों की कमी से रुके विकासात्मक कार्यों की सूची को एक दिन के भीतर कार्यालय को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि पैसों की उपलब्धता के लिए सूची को प्रदेश सरकार को सौंपी जा सके। उन्होंने अधिकारियों को जिला में पोषण अभियान को और अधिक संबल प्रदान करने के भी निर्देश दिए।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था राहुल चौहान, सहायक आयुक्त डाॅ. पूनम, उपमण्डलाधिकारी ग्रामीण बी.आर शर्मा, उपमण्डलाधिकारी शिमला शहरी मंजीत शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपमण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
