9 मई को मध्य प्रदेश के सिहोर में आयोजित समारोह में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
ग्रामीण सड़क विकास में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयन
हिमाचल में 42,779 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का आंकड़ा पार
पीएमजीएसवाई-IV के तहत 2,247 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी – विक्रमादित्य सिंह
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण सड़क नेटवर्क और आधारभूत ढांचे के विकास ने एक नया इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग को राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना है। यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब प्रदेश का कुल सड़क नेटवर्क 42,779 किलोमीटर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है।
प्रदेश में अब तक पीएमजीएसवाई के तहत 22,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इन सड़कों ने हजारों दूरदराज गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़कर लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और व्यापार गतिविधियों को भी नई गति मिली है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस उपलब्धि पर विभाग के इंजीनियरों, अधिकारियों और श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उन सभी कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में दिन-रात काम कर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क सुविधाएं पहुंचाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर गांव को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाना है ताकि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
पीएमजीएसवाई-IV के तहत हिमाचल को बड़ी सौगात
केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई-IV के तहत हिमाचल प्रदेश को लगभग 2,247 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में करीब 2,300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके माध्यम से 429 ऐसी बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ा जाएगा जो अब तक सड़क सुविधा से वंचित थीं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पहले चरण में लगभग 1,500 किलोमीटर उच्च प्राथमिकता वाली सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। यह परियोजना विशेष रूप से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां सड़क निर्माण चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई-IV के तहत मिली मंजूरी हिमाचल के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
