संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ की बैठक में बड़ा निर्णय
शिमला। संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को संस्था के अध्यक्ष महेंद्र धर्माणी की अध्यक्षता में शिमला में संपन्न हुई। इस बैठक में पिछले माह लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसके अंतर्गत समूह से संबंधित सभी एनजीओ ने अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर नशे, विशेष रूप से चिट्टे के विरुद्ध सामाजिक जनजागरण अभियानों की जानकारी साझा की।
बैठक में उपस्थित विभिन्न एनजीओ के अध्यक्षों, मंत्रियों और सदस्यों ने बताया कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की पंचायतों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूली छात्रों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ संवाद कर उन्हें चिट्टा नामक इस गंभीर सामाजिक अभिशाप के प्रति जागरूक किया और अभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया और आगे की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव रखे। बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दिसंबर माह में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में संजीवनी संस्था से जुड़ी तथा संपर्क में रहने वाली सभी एनजीओ को आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यशाला में नशा उन्मूलन विषय पर कार्यरत विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) के विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, यह भी तय किया गया कि प्रदेश स्तर पर चिट्टा उन्मूलन के क्षेत्र में काम कर रही अन्य संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाएगा ताकि अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जा सके।
संस्था ने यह भी निर्णय लिया कि इस मुहिम से समाज के सम्मानित सदस्यों, डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा तथा उन्हें इस दिशा में प्रशिक्षित (ट्रेंड) किया जाएगा, जिससे नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प सशक्त हो सके।
बैठक में अध्यक्ष महेंद्र धर्माणी के साथ महासचिव नरेश शर्मा, टिक्कू ठाकुर, रतन ठाकुर, नितिन व्यास, जोगिंदर सकलानी, सूरज जमाल्टा, प्रदीप ठाकुर, संदीप ऑक्टा, कैप्टन अतुल तथा संस्था के सलाहकार जोगिंदर कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ अपने सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरण की इस मुहिम को और अधिक प्रभावशाली व व्यापक बनाएगा।
