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शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विधायक निधि रोकने का फ़ैसला सिर्फ़ प्रदेश के लोगों को परेशान करने के लिए किया गया है। सरकार ख़ुद कुछ कर नहीं रही है इसलिए वह चाहती है कि विधायकों को भी कुछ करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार 28 जनवरी तक विधायक निधि का बाक़ी का पैसा जारी नहीं होगा तो बीजेपी का विधायक दल, विधायक प्राथमिकता की बैठक का बहिष्कार करेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा मुख्यमंत्री विधायक निधि के मामले में झूठ बोल रहे हैं, उनकी नीयत नहीं थी की वह विधायक निधि का पैसा दें। अब बीजेपी के दबाव के बाद वह समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या किया जाए। 

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की बातों का जवाब देते हुए कहा कि अगर विधायक निधि बंद नहीं की गई है तो विधायक निधि का जो पैसा नवंबर में जारी हो जाना चाहिए था, वह अभी तक क्यों जारी नहीं हुआ। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से झूठ बोलकर सत्ता हासिल की और अब मुख्यमंत्री झूठ बोलकर सरकार चलाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। उनका झूठ बेनक़ाब हो गया है और देश ने उनके झूठ को पूरी तरह से नकार दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि अपने ही पार्टी की सरकार में ‘विपक्ष’ की भूमिका निभाते समय वही विधायकों के हितों की बात करते थे। विधायक निधि और विधायकों द्वारा बताए गए कामों को प्राथमिकता दिए जाने की बात करते थे और आज जब उन्हें ख़ुद मौक़ा मिला है तो वह विधायकों के हितों के ही विरोध में काम कर रहे हैं। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक निधि से हर विधायक अपने विधान सभा क्षेत्र में अत्यावश्यक विकास कार्यों को करने के लिए धनराशि जारी करते थे, जिससे बहुत से जनहित के कार्य समय पर हो जाते थे और लोगों को राहत मिलती थी। सड़के, रिटेंशन वॉल, ब्रिज, जल निकासी, जैसे न जाने कितने विकास कार्यों को बिना लंबी काग़ज़ी प्रक्रिया के जनहित को देखते हुए तुरंत किया जा सकता है। लेकिन राज्य सरकार ने विधायक निधि को रोककर जनप्रतिनिधियों को विकास के कार्य करने से रोक रही है।  

धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय पर अपना रुख़  स्पष्ट करें मुख्यमंत्री 

जयराम ठाकुर ने पत्रकारों के पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा ही नहीं हैं कि धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय का परिसर बने। हमारी सरकार ने लगभग सारी प्रक्रिया पूरी हो गई थी। कुछ तकनीकी चीजें रह गई थी जो अब पूरी हो गई हैं। सरकार को मात्र 30 करोड़ रुपये जमा करना है। बाक़ी का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किया जाना है लेकिन सरकार जान बूझकर यह पैसे जमा नहीं कर रही है। जिससे यह विश्वविद्यालय न बन सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवि कैंपस को लेकर अपना रुख़ स्पष्ट करें कि वह धर्मशाला में कैंपस चाहते हैं कि नहीं। 

By admin

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