शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान के एक हिस्से के धंसने पर गहरी चिंता जताई है। माकपा ने इसके संरक्षण को लेकर नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी निंदा की है। उसका कहना है कि रिज मैदान का एक हिस्सा लगभग एक दशक से अधिक समय से क्षतिग्रस्त हो रहा है और हर वर्ष बरसात के मौसम में इस क्षतिग्रस्त भाग में दरारें पैदा हो जाती है और सरकार मात्र लीपापोती कर अपना पल्ला झाड़ देती है। माकपा की मांग है कि सरकार व नगर निगम शिमला रिज मैदान के संरक्षण व जीर्णोद्धार के लिए योजना बनाकर तुरंत इस पर अमल करे।
माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य व पूर्व मेयर संजय चौहान ने कहा कि रिज मैदान ऐतिहासिक व सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके नीचे 45 लाख लीटर क्षमता का पेयजल भंडारण टैंक है, जहां से प्रतिदिन शहर के लगभग 40 प्रतिशत भाग में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसका संरक्षण व जीर्णोंद्धार नहीं किया गया तो शहर में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। उनका कहना था कि नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार इसके संरक्षण में बिल्कुल भी संजीदा है। सरकार इसके संरक्षण के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना रही है, केवल मात्र कागज़ी कार्यवाही व बयानों तक ही सीमित है।
चौहान ने कहा कि पूर्व नगर निगम ने वर्ष 2012 में इसके संरक्षण, जीर्णोंद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए एक व्यापक योजना बनाने का कार्य आरम्भ किया था और लोक निर्माण विभाग के आर्किटेक्ट प्लानर के सहयोग से 30 करोड़ रुपए की लागत से एक व्यापक परियोजना तैयार की गई थी। इसका आईआईटी रूड़की से सर्वेक्षण व आंकलन करवाया गया था। आईआईटी रूड़की ने जो अपनी रिपोर्ट दी थी, उसमें स्पष्ट किया था कि इस स्थान पर 4 मीटर से 9 मीटर तक मिट्टी है तथा उसके बाद चट्टान है। इस रिपोर्ट के आधार पर जो परियोजना बनाई गई थी, उसमें इस मिट्टी को उठाकर चट्टान पर एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्क व सैरगाह तैयार करने की योजना बनाई गई थी। इसका सारा ख़र्च नगर निगम द्वारा वहन किया जाना था और सरकार से इसके लिए कोई भी राशि नहीं ली जानी थी। संजय चौहान ने कहा कि वर्ष 2015 में यहां से तिब्बतियन मार्किट को उठाकर लिफ्ट पर एक आजीविका भवन का निर्माण आरम्भ किया गया था। नगर निगम की इस परियोजना को लेकर सरकार से इसके निर्माण के लिए स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजती रही, लेकिन तत्कालीन सरकार द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई। आज भी इस परियोजना की फ़ाइल नगर निगम के पास धूल फांक रही है।
भाजपा शासित सरकार, मंत्री व नगर निगम रिज मैदान को लेकर नहीं संजीदा – चौहान
माकपा नेता संजय चौहान ने कहा कि आज बीजेपी शासित नगर निगम व सरकार बने 4 वर्ष हो रहे हैं और शहर के विधायक शहरी विकास मंत्री है। यह अत्यंत अफसोसजनक है कि न तो नगर निगम न ही सरकार व शहरी विकास मंत्री इसके संरक्षण के लिए संजीदा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नगर निगम व सरकार में शिमला शहर के विकास के लिए कोई भी ठोस योजना नहीं है और केवल राजनेता, अफसरशाही व ठेकेदार का गठजोड़ ही हावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर का विकास केवल चेहते ठेकेदारों की मर्जी पर निर्भर हो गया है और अधिकांश योजनाएं इनको लाभ देने के लिए ही बनाई जा रही है। उनका कहना था कि बीजेपी की सरकार व नगर निगम केवल मात्र ठेकेदारों की हितैषी बनकर कार्य कर जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भूल गई है। चौहान ने कहा कि नगर निगम शिमला व सरकार यदि समय रहते रिज मैदान के संरक्षण व जीर्णोंद्धार के कार्य को तुरंत आरम्भ नहीं करती तो माकपा जनता को लामबंद कर सरकार के इस ढुलमुल रवैये के विरुद्ध आंदोलन करेगी।
